अगर आप भी परेसान है किसी के डांटने से तो ये कहानी है आपके लिये....!!!
नमस्कार दोस्तो आशा करते है आप लोग अच्छे होंगे, खुश होंगे, आज हम आपके लिये लेकर आये है एक शानदार स्टोरी, उम्मीद करते है आपको पसंद आयेगी.....!!!
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| Murtikar |
दोस्तो एक बार की बात है एक मूर्तिकार था, वह बड़ी शानदार शानदार मूर्तिया बनाया करता था, धीरे - धीरे समय बीतता गया एक दिन उसके घर एक लड़के ने जन्म लिया। और वह लड़का भी वक्त के साथ धीरे धीरे मूर्ति बनाना सीखने लगा। और वह बड़ी जल्दी इस काम मे निपुण भी हो गया,
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| Murtikar |
लड़का बोला आप मेरी मूर्ति में हमेशा कोई ना कोई कमी निकालते रहते हो में कितनी भी मेहनत कर लूं कभी मेरी तारीफ़ नही करते अगर में इतना खराब ही मूर्तिकार हु तो पूरी मार्किट में सबसे महँगी मूर्ति मेरी ही क्यु बिकती है। क्यों लोग मेरी मूर्तियों की तारीफ करते नही थकते है, लड़के ने इतना कुछ बोल दिया की उसके बाप ने उस दिन के बाद उसे कुछ बोलना, उसके काम करते हुऐ टोकना बन्द कर दिया। कुछ दिन तो सब बहुत अच्छा चला लेकिन धीरे धीरे लोगो ने उसकी मूर्तियों की तारीफ करनी बन्द कर दी थी। और एक दिन तो ऐसा आया जब एक इंसान ने उसकी मूर्ति में कमी निकाल दी उस दिन वो अपने जीवन मे सबसे ज्यादा परेशान हुआ। उस दिन वो शाम को अपने घर पहुँचा ओर अपने पिता को सारी बातें बतायी जो जो उसके साथ हुआ अपने पिछले कुछ दिनों की घटनाएं ओर आज जो हुआ एक एक बात, पिता बड़ी शांति से उसकी सारी बातें सुनता रहा और कुछ नही बोला........अब लड़का अपने पिता से बोला पिता जी कुछ तो बताइये आखिर ये सब कुछ क्यों हो रहा है इस पर पिता ने जो उसे जवाब दिया की बेटा तुझे प्रसिद्धि मिलने के बाद, तू अपने काम से सन्तुष्ट हो गया तूने असन्तुष्ट रहना छोड़ दिया जब दुकान पर में रहता था तो हमेशा कोई ना कोई कमी निकलता रहता था लेकिन अब मेने वहाँ रहना छोड़ दिया तो तूने कुछ नया करने का प्रयत्न करना छोड़ दिया अपनी तारीफों में तु इतना खो गया बेटा की तुझे इतना भी होश ना रहा कि तुझे अपने काम से हमेशा कुछ ना कुछ नया करना है और ज्यादा मेहनत करनी है बस इसीलिये ये सब हुआ क्योकी जवानी के दिनों में मैने भी यही गलती की थी।
लड़के को बाप की बात अब समझ आ चुकी थी और वो कुछ दिन पहेली की गयीं अपनी गलती के लिये दुखी हो रहा था......अब उसने अपनी गलतियों को स्वीकार किया और फिर से मेहनत करने लगा और अब वह हर दिन कुछ नया ट्राई करने लगा हमेशा बहुत अच्छे काम मे भी कोई ना कोई कमी ढूढ लेना उसकी आदतों में सुमार हो गया था और इसी वजह से उसे कुछ दिनों के बाद दुनिया के सबसे अच्छे मूर्तिकार के खिताब से नवाजा गया।
हमे इस कहानी से क्या सीखने की जरूरत है...!!!
1. दोस्तो लाइफ में चाहे आप कितनी भी तरक्की कर लो लेकिन उस तरक्की से संतुष्ट ना हो अपने अंदर अपने काम के अंदर हमेशा कमी तलाशे ओर उन्हें पूरा करने के लिये रात दिन प्रयास करे.....
2. दूसरी बात जो आपके अंदर की कमियों से आपको रूबरू कराये मतलब आपको आपकी कमिया बताये वही आपका सच्चा साथी है बाकी तो कुछ दिन आपके साथ है। वो क्या खूब कहा है किसी ने,
की ख्वाहिश थी हमारी भी ये जिंदगी रंगीन हो लेकिन जिंदगी का दस्तूर देखिये साहब जितने भी मिले सब गिरगिट ही मिले।
आशा करता हु आपको ये स्टोरी अच्छी लगीं होगी। स्टोरी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइयेगा। फिर मिलते है जल्दी ही हम आपसे अपनी अगली स्टोरी के साथ....धन्यवाद।।
BY_TeamApnipaltan



Nice thought this is👌👌👌.....
ReplyDeleteNice story
ReplyDeleteNice story sir
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