ऐसी जगह जहाँ से आप देख सकते हो एक साथ हिमालय पर्वत श्रृंखला, बहुत ही खूबसूरत जगह(मुक्तेश्वर टाउन, उत्तराखंड)
नमस्कार दोस्तो।। अगर आप भी बना रहे है, कही घूमने जाने की योजना, तो ये हिल स्टेशन हो सकता है। आपके लिये बेस्ट ऑप्शन, क्योकी अगर आपने इस प्लेस के बारे में आज ये ब्लॉग पूरा पढ़ लिया, तो आपका भी सपना होगा, एक दिन यहाँ जाना........इतनी प्यारी जगह है मुक्तेश्वर,
मुक्तेश्वर, मुक्तेश्वर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक बहुत ही सुंदर टाउन है। इसका नाम 350 साल पुराने भगवान शिव जी के। प्रशिद्ध मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर के नाम पर मुक्तेश्वर पड़ा। कमाऊ की पहाड़ियों में 286 मीटर(7500 फ़ीट) ऊँचाई पर स्थित है। यह शहर अपने शांत वातावरण के लिये भी जाना जाता है। इसलिए इसे साइलेंट सिटी भी कहते हैं। 220 वर्ग मील के क्षेत्र में फैली 22 से अधिक बर्फीली चोटियां और घने देवदार के जंगल इस शहर को खास बनाने का काम करते हैं। यहां घूमने-फिरने के लिहाज से कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। यहाँ से नंदा देवी, त्रिशुल आदि हिमालयी पर्वतों की चोटी साफ दिखाई देती है अगर मौसम साफ हो, तो हिमालय की पर्वत चोटियों के पीछे उगते सूरज को देखने का जो अनुभव होता है, ना वह मन मोह लेता है। बड़ा ही कमाल का नजारा होता है। ओर सबसे बड़ी बात आप यहाँ से नंदा-देवी, त्रिशूल, नीलकंठ पर्वत श्रेणीयो का एक साथ बड़ा ही शानदार मन मोहक नजारा देख सकते है जिसे देखने के बाद यह खूबसूरत यादें आपके मन मे हमेशा के लिये छप जायेंगी, ओर हा आप निश्चित रहिये, यहाँ की कुछ तस्वीरे हम आपके साथ जरूर शेयर करेंगे। ताकी आप भी यहाँ की खूबसूरती महसूस कर सके। तो आइये जानते है और भी विशेष बाते इस प्यारे से बहुत ही खूबसूरत टाउन के बारे में.......
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| Himalay parvat srankhla |
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| Nanda devi parvat |
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| View of mukteshwar |
आकर्षण के केंद्र....!!!
1. 350 साल पुराना शिवजी का बड़ा प्यारा सा मंदिर - यहाँ एक पहाड़ी के ऊपर भगवान शिव का मंदिर है जो की 2315 मीटर की ऊँचाई पर स्तिथ है। ये मंदिर मुक्तेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, ओर इस मंदिर तक पहुँचने के लिये लगभग 100 सीढियां चढ़नी पड़ती है। ये बहुत ही भव्य मंदिर है। मंदिर के पास ही चोली की जाली भी है, जिसे चौथी की जाली भी कहते है जो पहाड़ की चोटी पर स्थित है यहाँ से घाटी बडी ही शानदार नजर आती है, जिसका अनुभव हम पूरी जिंदगी नही भूल पाते है।
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| Mukteshwar mandir |
Chauthi ki jali
2. इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट - इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, यहाँ पर जानवरो पर रिसर्च की जाती है। यह इंस्टीट्यूट सन 1983 में बनाया गया था। इसके अलावा यहाँ पर एक म्यूजियम और लाइब्रेरी भी है। यहाँ जाकर आपको जानवरो के बारे में बड़ी सारी ऐसी बातें पता चलेगी, जो आपके लिये अद्भत होगी। यहाँ पर जानवरो पर रिसर्च से संबंधित पुराने जमाने का सामान, रिसर्च पेपर ओर किताबे सुरक्षित रखी गयीं है।
3. एडवेंचर गतिविधिया = यह शहर अपनी एडवेंचर गतिविधियों के कारण दुनिया-भर के सैलानियों को सालभर यह आने का न्योता देता रहता है आप भी यहाँ विभिन्न प्रकार की रोमांचक गतिविधियों का आनंद उठा सकते हो।
पैराग्लाइडिंग = मुक्तेश्वर में पैराग्लाइडिंग सबसे रोमांचक ओर उत्साहवर्धक एडवेंचर में से एक है। पिछले कुछ सालों में मुक्तेश्वर पैराग्लाइडिंग के लिए एक खास गंतव्य के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां की हसीन वादियों में एडवेंचर का आनंद किसी सपने से कम नहीं। आप यहां का प्लान अपने दोस्तों या पार्टनर के साथ बना सकते हैं।
रॉकक्लाइम्बिंग ओर रैपलिंग = मुक्तेश्वर में पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग, के अलावा रॉकक्लाइम्बिंग का रोमांचित आनद भी उठाया जा सकता है क्योकी यह एक पर्वतीय स्थल है इसलिए यहाँ सख्त पहाड़ियो की भरमार है। यहाँ आने वाले सैलानी इन सारी गतिविधियों का खूब आनद उठाते है।
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| climbing |
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| Rack climbing |
सूर्य-उदय को देखना = नंदादेवी ओर त्रिशुल पर्वत श्रृंखला के पीछे से उगते ओर डूबते सूरज को देखने का नजारा बड़ा मनोरम होता है अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन है तो आप यहाँ आइये आप को बहुत ही अद्भुत अनुभव होगा।
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| sun rise |
कब जाना सबसे अच्छा रहेगा।।
वैसे तो साल भर सैलानी यहाँ आते रहते है लेकिन अगर आप मार्च से जून ओर अक्टूबर से दिसंबर में जाये तो आपको एक अलग ही अनुभव होगा।
अगर आप यहाँ बर्फबारी देखना चाहते है तो आप यहाँ जनवरी में आ सकते है।
गर्मियों में तापमान....अधिकतम 30℃ ओर न्यूनतम 15℃
सर्दियों में तापमान...अधिकतम 23℃ ओर न्यूनतम 0℃
तापमान का हमने सिर्फ अनुमान लगाया है, ये मौसमानुसार कम या ज्यादा भी हो सकता है।
अगर आप यहाँ बर्फबारी देखना चाहते है तो आप यहाँ जनवरी में आ सकते है।
गर्मियों में तापमान....अधिकतम 30℃ ओर न्यूनतम 15℃
सर्दियों में तापमान...अधिकतम 23℃ ओर न्यूनतम 0℃
तापमान का हमने सिर्फ अनुमान लगाया है, ये मौसमानुसार कम या ज्यादा भी हो सकता है।
मुक्तेश्वर कैसे पहुँचे..?
दिल्ली से करीब 350 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा मुरादाबाद-हल्द्वानी-काठगोदाम-भीमताल होते हुए लगभग आठ घंटे की ड्राइव करके मुक्तेश्वर पहुंचा जा सकता है। अगर रेलमार्ग से जाना चाहें तो दिल्ली से काठगोदाम तक सीधी रेल सेवा है। काठगोदाम से आगे मुक्तेश्वर तक का 73 किलोमीटर का सफर पूरा करने के लिए काठगोदाम से ही बस या टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं.......
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| way of delhi to mukteshwar |
अगर ऐसे ही दार्जलिंग शहर के बारे मे विस्तार से जानना चाहते हो तो यहाँ क्लिक करे = दार्जलिंग की खूबसूरती
तो दोस्तो कैसा लगा हमारा आज का ये ब्लॉग कमेंट करके जरूर बताइयेगा। चलिये दोस्तो फिर मिलेंगे, अगले संडे ऐसे ही एक ओर मज़ेदार ब्लॉग के साथ..!!!
अगर आप भी विस्तार से जानना चाहते है, किसी शहर या जगह के बारे में, तो आप हमे मेल कर सकते है..!!!
Email id - apnipaltan007@gmail.com
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ThankYou
BY_@TeamApnipaltan
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Nice....
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